मकर संक्रांति 2026: कब है? 14 या 15 जनवरी? जानें सही तारीख और शुभ समय
😍 BMI कैलकुलेटर से अपना बॉडी मास इंडेक्स जानें - Click Here 👈भारत में त्योहारों की शुरुआत मकर संक्रांति (Makar Sankranti) से होती है, लेकिन हर साल की तरह 2026 में भी इसकी तारीख को लेकर लोगों के मन में बड़ी दुविधा (Confusion) है। क्या संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी या 15 जनवरी को? 🤷♂️
सूर्य देव जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस घटना को मकर संक्रांति कहा जाता है। साल 2026 में ग्रहों की चाल कुछ ऐसी है कि पंचांग (Panchang) को लेकर मतभेद हो सकते हैं। लेकिन चिंता न करें, इस विस्तृत गाइड में हम आपको न केवल सही तारीख और शुभ मुहूर्त बताएंगे, बल्कि HealthyRaho के पाठकों के लिए तिल-गुड़ और खिचड़ी के सेहत से जुड़े राज भी खोलेंगे। 🌞🪁
📝 इस आर्टिकल में आप जानेंगे:
📅 मकर संक्रांति 2026 की सही तारीख (14 या 15 जनवरी?)
⏱️ महापुण्य काल और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
🕉️ क्यों मनाई जाती है संक्रांति? (धार्मिक और वैज्ञानिक कारण)
🏥 सेहत का खजाना: तिल, गुड़ और खिचड़ी खाने के फायदे
🌌 राशिफल 2026: आपकी राशि पर सूर्य का प्रभाव
❓ FAQs: आपके सभी सवालों के जवाब
📅 मकर संक्रांति 2026: 14 या 15 जनवरी?
सबसे पहले उस सवाल का जवाब देते हैं जिसे लेकर आप सबसे ज्यादा परेशान हैं। साल 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी (बुधवार) को ही मनाई जाएगी।1 ✅
ज्योतिष गणना (Astrological Calculation) के अनुसार, सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में 14 जनवरी 2026 को दोपहर 3:13 PM पर प्रवेश करेंगे।
🤔 तो फिर 15 तारीख का कंफ्यूजन क्यों?
अक्सर जब संक्रांति शाम को या सूर्यास्त के बाद लगती है, तो अगले दिन उदयातिथि (Sunrise) में त्योहार मनाया जाता है। लेकिन 2026 में, संक्रांति का क्षण (Moment) दोपहर 3:13 बजे है, जो सूर्यास्त से काफी पहले है। इसलिए, पुण्य काल उसी दिन यानी 14 तारीख को मान्य होगा।
💡 मकर संक्रांति एकमात्र ऐसा त्योहार है जो सौर कैलेंडर (Solar Calendar) पर आधारित है, इसलिए इसकी तारीख अक्सर 14 या 15 जनवरी को ही पड़ती है। बाकी भारतीय त्योहार चंद्र कैलेंडर (Lunar Calendar) पर चलते हैं। 🌞

⏱️ मकर संक्रांति 2026 शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
स्नान और दान का फल तभी मिलता है जब वह सही मुहूर्त में किया जाए। 2026 के लिए शुभ समय इस प्रकार है: 🕰️
मुहूर्त का प्रकार | समय (Time) | अवधि (Duration) |
मकर संक्रांति का क्षण | 14 जनवरी, दोपहर 03:13 PM | - |
पुण्य काल (Punya Kaal) | दोपहर 03:13 PM से शाम 05:45 PM | लगभग 2 घंटे 32 मिनट |
महापुण्य काल (Best Time) | दोपहर 03:13 PM से शाम 05:00 PM | अत्यंत शुभ |
👆 नोट: चूंकि संक्रांति दोपहर में लग रही है, इसलिए बहुत से लोग 15 जनवरी की सुबह भी स्नान-दान करेंगे, लेकिन शास्त्र सम्मत (Technically Correct) तारीख 14 जनवरी ही मानी जाएगी।
🌍 मकर संक्रांति का महत्व: धर्म और विज्ञान का संगम
मकर संक्रांति सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि ऋतु परिवर्तन (Season Change) का संकेत है। आइये जानते हैं इसके पीछे का गहरा मतलब। 🧐
1. उत्तरायण का प्रारंभ (Start of Uttarayan)
इस दिन से सूर्य देव 'उत्तरायण' होते हैं। शास्त्रों में उत्तरायण को देवताओं का दिन माना जाता है। माना जाता है कि इस दौरान किए गए शुभ कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है। यही कारण है कि भीष्म पितामह ने महाभारत युद्ध के बाद अपने प्राण त्यागने के लिए उत्तरायण का ही इंतजार किया था। 🏹🙏
2. वैज्ञानिक महत्व (Scientific Reason)
सर्दियों के बाद अब दिन बड़े और रातें छोटी होनी शुरू हो जाती हैं। सूर्य की किरणें अब सीधी पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे ठंड कम होने लगती है और फसलें पकने की ओर बढ़ती हैं। यह प्रकृति के साथ तालमेल बिठाने का पर्व है। 🌾☀️
💡 मकर संक्रांति पर धूप में पतंग उड़ाने की परंपरा सिर्फ मजे के लिए नहीं है। सर्दी में हमारी बॉडी में Vitamin D की कमी हो जाती है। छत पर पतंग उड़ाने के बहाने हम सूरज की रोशनी (Sunlight) लेते हैं, जो शरीर के लिए संजीवनी का काम करती है। 🪁💪
🥗 HealthyRaho Special: तिल-गुड़ और खिचड़ी के सेहत वाले राज
चूंकि आप HealthyRaho.in पर हैं, तो हम आपको सिर्फ पूजा-पाठ नहीं, बल्कि आपकी सेहत (Health) का भी ख्याल रखने की सलाह देंगे। मकर संक्रांति का भोजन सुपरफूड (Superfood) से कम नहीं है! 🍲💪
1. तिल और गुड़ (Sesame & Jaggery): सर्दी का "इम्यूनिटी बूस्टर"
मकर संक्रांति पर "तिल-गुड़" खाने की परंपरा के पीछे बड़ा वैज्ञानिक कारण है।
शरीर को गर्मी देता है: तिल और गुड़ दोनों की तासीर गर्म होती है। यह कड़ाके की ठंड में शरीर को अंदर से गर्म रखता है। 🔥
हड्डियां मजबूत करता है: तिल में दूध से भी ज्यादा कैल्शियम होता है, और गुड़ में आयरन। यह जोड़ों के दर्द (Joint Pain) में रामबाण है। 🦴
पाचन (Digestion): गुड़ खाने से डाइजेशन सुधरता है और मेटाबॉलिज्म तेज होता है।
2. खिचड़ी (Khichdi): पेट का सबसे अच्छा दोस्त
इस त्योहार को कई जगहों पर "खिचड़ी पर्व" भी कहा जाता है।
डिटॉक्स मील (Detox Meal): त्योहारों पर भारी खाने के बाद, खिचड़ी पेट को हल्का और डिटॉक्स करने का काम करती है। 🥣
न्यूट्रिशन का पावरहाउस: चावल (कार्ब्स), दाल (प्रोटीन), घी (गुड फैट) और सब्जियां (फाइबर) का यह मिश्रण एक संपूर्ण आहार (Complete Meal) है।
💡 प्रो टिप (Pro Tip):
अपनी खिचड़ी में इस बार मटर और गोभी के साथ-साथ थोड़ी पालक और अलसी (Flax seeds) भी डालें। यह आपकी खिचड़ी को और भी ज्यादा हेल्दी और टेस्टी बना देगा! 🌿😋
🙏 मकर संक्रांति 2026 पूजा विधि (Puja Vidhi)
अगर आप घर पर सरल तरीके से पूजा करना चाहते हैं, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें: 🕉️
पवित्र स्नान: 14 जनवरी को सुबह पानी में थोड़ा सा गंगाजल और काले तिल मिलाकर स्नान करें।
सूर्य अर्घ्य: तांबे के लोटे में जल, लाल फूल, रोली और थोड़ा गुड़ डालकर 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र के साथ सूर्य को जल चढ़ाएं। ☀️
दान (Donation): स्नान के बाद तिल, गुड़, कंबल या खिचड़ी की सामग्री (चावल-दाल) किसी जरूरतमंद को दान करें।
भोग: भगवान को तिल के लड्डू का भोग लगाएं और परिवार के साथ प्रसाद ग्रहण करें। 🍬

🔮 2026 का राशिफल: मकर संक्रांति पर सूर्य का प्रभाव
जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो सभी 12 राशियों पर इसका असर पड़ता है। संक्षेप में जानें आपका हाल: ✨
मेष, सिंह, वृश्चिक (शुभ): आपको करियर में तरक्की और मान-सम्मान मिलेगा। 🦁💰
वृषभ, तुला, मकर (मध्यम): सेहत का थोड़ा ध्यान रखें, खर्च बढ़ सकते हैं। ⚖️💊
मिथुन, कुंभ, मीन (लाभ): अचानक धन लाभ और पुराने रुके हुए काम पूरे होने के योग हैं। 🐟💸

❓ FAQs – सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवाल
यहाँ पाठकों द्वारा Google पर मकर संक्रांति के बारे में सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवालों के जवाब हैं:
Q1: मकर संक्रांति 14 को है या 15 जनवरी 2026 को?
Ans: ज्योतिषीय गणना के अनुसार, संक्रांति 14 जनवरी को है। पुण्य काल भी 14 जनवरी की दोपहर से शुरू हो रहा है, इसलिए त्योहार 14 जनवरी को मनाना श्रेष्ठ है। 🗓️
Q2: क्या हम 14 जनवरी की रात को खिचड़ी खा सकते हैं?
Ans: संक्रांति का भोजन दिन में करना बेहतर होता है, लेकिन 14 जनवरी को दोपहर के बाद संक्रांति लग रही है, तो आप शाम/रात के भोजन में खिचड़ी का सेवन कर सकते हैं। यह शुभ माना जाता है। 🍛
Q3: मकर संक्रांति पर काले तिल का क्या महत्व है?
Ans: काला तिल शनि देव का प्रतीक है और मकर राशि (जहाँ सूर्य जा रहे हैं) शनि की राशि है। सूर्य और शनि पिता-पुत्र हैं। तिल का दान और सेवन करने से शनि दोष दूर होते हैं और सूर्य की कृपा मिलती है। ⚫🙏
Q4: मकर संक्रांति को और किन नामों से जाना जाता है?
Ans: इसे भारत भर में अलग-अलग नामों से जानते हैं:
उत्तर भारत: खिचड़ी/सक्रात
गुजरात: उत्तरायण
तमिलनाडु: पोंगल
असम: बिहू
पंजाब: माघी 🔥
Q5: संक्रांति पर क्या दान करना चाहिए? (Donation List)
Ans: इस दिन तिल, गुड़, नया अन्न (चावल-दाल), ऊनी कपड़े (कंबल) और घी का दान करना सबसे उत्तम माना गया है। 🎁

📝 निष्कर्ष
मकर संक्रांति 2026 नई ऊर्जा और सकारात्मकता (Positivity) लेकर आ रही है। तारीख को लेकर कंफ्यूज न हों—14 जनवरी को ही पूरे हर्षोल्लास के साथ त्योहार मनाएं। 🎊
HealthyRaho की तरफ से आपको यही सलाह है कि इस दिन खूब पतंग उड़ाएं, तिल-गुड़ खाएं, लेकिन अपनी सेहत और सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
आपको और आपके परिवार को मकर संक्रांति की ढेरों शुभकामनाएं! 🪁☀️🙏
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