🌸 दिवाली 2025 लक्ष्मी पूजा: संपूर्ण विधि, शुभ मुहूर्त, सामग्री सूची और हेल्थ

अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2025•3 min read
Written byHealthy Raho Team
दिवाली 2025 लक्ष्मी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
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🪔 "इस दिवाली, क्या माँ लक्ष्मी आपके घर धन-वर्षा करेंगी?"

दिवाली का पर्व सिर्फ रोशनी और मिठाइयों का नहीं, बल्कि माँ लक्ष्मी और गणेश जी की कृपा प्राप्त करने का अवसर है। कई बार लोग पूजा तो करते हैं, लेकिन छोटी-सी चूक पूरी साधना को अधूरा कर देती है। इसीलिए 2025 की दिवाली और भी खास है, क्योंकि इस साल बनने वाले पुष्य नक्षत्र और सिद्धि योग को सबसे शुभ माना गया है।

आइए जानते हैं – दिवाली 2025 की संपूर्ण पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, सामग्री सूची और हेल्थ कनेक्शन।

🪔 दिवाली 2025: लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

  • तारीख: सोमवार, 20 अक्टूबर 2025
  • लक्ष्मी पूजन मुहूर्त: शाम 06:50 PM से 08:32 PM तक
  • अवधि: 1 घंटा 42 मिनट
  • विशेष योग: पुष्य नक्षत्र और सिद्धि योग का संगम – मान्यता है कि इस योग में पूजा करने से धन लाभ, कर्ज से मुक्ति और स्थायी समृद्धि मिलती है।

🙏 संपूर्ण लक्ष्मी पूजा विधि (Step by Step)

1. घर की शुद्धि और तैयारी

लक्ष्मी जी स्वच्छता की देवी मानी जाती हैं। दिवाली से पहले घर की पूरी सफाई करें। मुख्य द्वार पर रंगोली, तोरण और दीपक सजाना अनिवार्य है, यह न केवल सकारात्मक ऊर्जा लाता है बल्कि माँ लक्ष्मी का स्वागत भी करता है।

2. मूर्ति स्थापना

चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर, लक्ष्मी जी को दाईं ओर और गणेश जी को बाईं ओर स्थापित करें। कलश में गंगाजल, सुपारी, सिक्के, हल्दी और आम के पत्ते डालकर नारियल रखें। यह कलश समृद्धि और जीवन के सभी तत्वों का प्रतीक है।

3. पूजा सामग्री सूची और महत्व

  • रोली और हल्दी: शुभता और मंगल कार्य का प्रतीक।
  • चावल: समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक।
  • फूल: विशेषकर कमल – लक्ष्मी जी का प्रिय पुष्प।
  • पंचामृत: शरीर और आत्मा दोनों को शुद्ध करता है।
  • मिठाई और फल: भोग और आनंद का प्रतीक।
  • धन (नोट-सिक्के): आर्थिक समृद्धि का आह्वान।
  • झाड़ू: नकारात्मकता और गरीबी को दूर करने का प्रतीक।

4. पूजन क्रम

  1. सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें।
  2. "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" मंत्र का 11 बार जाप करें।
  3. लक्ष्मी जी को कमल पुष्प, हल्दी की गांठ और मिठाई अर्पित करें।
  4. कलश और धन (नोट-सिक्के) की पूजा करें।
  5. व्यवसायियों को बही-खाता पूजा में रखना चाहिए।
  6. परिवार के साथ आरती करें और दीप जलाएं।
  7. पूजा के बाद घर के हर कोने में दीप रखें।

🌿 हेल्थ कनेक्शन – विज्ञान और अध्यात्म का मेल

  • दीपक की लौ: मानसिक तनाव कम करती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा भरती है।
  • धूप-अगरबत्ती: हवा में मौजूद बैक्टीरिया और कीटाणुओं को नष्ट करती है।
  • पंचामृत: दूध और शहद इम्यूनिटी बढ़ाते हैं, दही पाचन सुधारता है।
  • मंत्र-जप: हार्ट रेट स्थिर करता है और नींद में सुधार लाता है।
  • घर की सफाई: संक्रमण और एलर्जी से बचाव।

🌟 धन-वर्षा का छोटा सा राज़

आचार्य बताते हैं – पूजा के बाद उत्तर दिशा में घी का दीपक जलाकर "श्री सूक्त" का पाठ करें। यह उपाय घर में स्थायी धन प्रवाह बनाए रखने के लिए सबसे शक्तिशाली माना जाता है।

❓ दिवाली पूजा से जुड़े FAQs

Q1. दिवाली पूजा कितने बजे करनी चाहिए?

2025 में शुभ मुहूर्त शाम 6:50 से 8:32 तक है। इसी समय पूजा करना श्रेष्ठ माना गया है।

Q2. दिवाली पूजा में क्या नहीं करना चाहिए?

पूजा के समय जूते-चप्पल पहनना, साफ-सफाई की कमी और अशुद्ध मन से पूजा करना अशुभ माना जाता है।

Q3. क्या अविवाहित लोग भी लक्ष्मी-गणेश की पूजा कर सकते हैं?

हाँ, अविवाहित व्यक्ति भी लक्ष्मी-गणेश की पूजा कर सकते हैं। इससे उन्हें जीवन में स्थिरता और करियर में सफलता मिलती है।

Q4. दिवाली पर झाड़ू क्यों पूजी जाती है?

झाड़ू को माँ लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। यह नकारात्मक ऊर्जा और दरिद्रता को दूर करती है।

✨ प्रेरणादायक संदेश

दिवाली सिर्फ पटाखों और मिठाई का त्योहार नहीं, बल्कि धन, स्वास्थ्य और खुशियों का संगम है। इस बार की पूजा में माँ लक्ष्मी से सिर्फ धन ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति, स्वास्थ्य और पारिवारिक एकता की भी कामना करें।

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