🪔 दिवाली 2025 में कब है: खासियत, पूजा-विधि, ग्रह-योग और हेल्थ बेनिफिट्स
16 अगस्त 2025• 3 min read

📅 2025 में दिवाली कब है?
दिन | तारीख | महत्व |
---|---|---|
धनतेरस | 18 अक्टूबर (शनिवार) | धन, स्वास्थ्य और नई खरीदारी का दिन |
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) | 20 अक्टूबर (सोमवार) | नकारात्मकता और बुराई से छुटकारा |
मुख्य दिवाली (लक्ष्मी पूजा) | 21 अक्टूबर (मंगलवार) | समृद्धि, प्रकाश और नई ऊर्जा |
गोवर्धन पूजा | 22 अक्टूबर (बुधवार) | प्रकृति और भगवान के प्रति आभार |
भाई दूज | 23 अक्टूबर (गुरुवार) | भाई-बहन का पवित्र बंधन |
🌸 दिवाली की शुरुआत घर की सफाई से
दिवाली का नाम आते ही सबसे पहले याद आता है – घर की सफाई।
जैसे-जैसे दिवाली पास आती है, हर घर में झाड़ू-पोछा, पेंटिंग, और पुराने सामान का निपटारा शुरू हो जाता है।
बड़ों का कहना है – "साफ घर में लक्ष्मी जी का वास होता है"।
💡 वैज्ञानिक भी मानते हैं कि सफाई करने से धूल और कीटाणु कम होते हैं, जिससे एलर्जी और सर्दी-जुकाम का खतरा घटता है।
Unique Fact: जापान में भी "Oosouji" नाम की परंपरा है, जिसमें नए साल से पहले लोग घर की सफाई करते हैं — बिल्कुल हमारी दिवाली सफाई की तरह!
🚫 दिवाली पर क्या नहीं करना चाहिए? (शास्त्र + साइंस)
- रात में झाड़ू-पोछा — धूल के कण हवा में फैलकर एलर्जी ट्रिगर कर सकते हैं।
- काले कपड़े पहनना — रंग-थेरेपी के अनुसार काला रंग ऊर्जा अवशोषित करता है, ब्राइट रंग शुभ हैं।
- कर्ज़ लेना/देना — मानसिक तनाव और वित्तीय असुरक्षा बढ़ाता है।
- अत्यधिक पटाखे — WHO के मुताबिक प्रदूषण 8–10 गुना तक बढ़ सकता है।
- मीठा ओवरलोड — इंसुलिन स्पाइक से थकान और पेट की समस्या हो सकती है।
🪔 पूजा का आसान और असरदार तरीका
- सुबह घर की पूरी सफाई करें और स्नान करें।
- शाम को साफ कपड़े पहनकर, लाल कपड़े पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति विराजित करें।
- घी का दीप जलाएं — मानसिक शांति और पॉजिटिव वाइब्स बढ़ाने के लिए।
- मंत्र (108 बार): ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः — अल्फ़ा वेव्स बढ़ाकर तनाव घटाता है।
- आरती और प्रसाद — मिठाई, फूल, पंचामृत अर्पित करें और परिवार के साथ बांटें।
🌌 2025 के ग्रह-योग — दिवाली क्यों होगी खास?
- वृषभ लग्न में लक्ष्मी पूजा का महत्व कई गुना।
- गुरु-चंद्रमा का शुभ संयोग — मानसिक शांति और आर्थिक लाभ।
- शुक्र का केंद्र में होना — सौंदर्य, कला और वैभव का प्रतीक।
🧠 हेल्थ बेनिफिट्स — दिवाली क्यों है नेचुरल थेरेपी
- घर की सफाई = वर्कआउट — 1 घंटे में 200–250 कैलोरी बर्न।
- दीयों की रोशनी — आंखों को आराम और मेलाटोनिन बैलेंस।
- ड्राई फ्रूट्स और गुड़ — इम्यूनिटी बढ़ाते हैं और एनर्जी लेवल स्टेबल रखते हैं।
- सामूहिक पूजा — ऑक्सीटोसिन और डोपामिन बढ़ाकर खुशी का अहसास।
💡 दिवाली के बारे में अनसुने फैक्ट्स
- NASA की तस्वीरों में दिवाली की रात भारत "जगमगाते रत्न" जैसा दिखता है।
- दिवाली सिख, जैन और बौद्ध समुदायों में भी अलग कारणों से मनाई जाती है।
- गुजरात के कुछ गांवों में अब भी "पंच पकवान" की परंपरा है — हेल्थ और परिवारिक बंधन के लिए शुभ।
🎯 Healthy Raho Challenge 2025
- पटाखों के बजट से 1 पौधा लगाएं और उसका नाम अपने नाम पर रखें।
- मिठाई सिर्फ 2 पीस तक सीमित रखें, बाकी ड्राई फ्रूट्स और फ्रूट सलाद चुनें।
- पूजा से पहले 10 मिनट ध्यान करें और स्क्रीन टाइम आधा करें।
💬 "त्योहार का मतलब सिर्फ परंपरा निभाना नहीं, बल्कि खुद को और अपने आस-पास को खुश, स्वस्थ और उजाला देने वाला बनाना है।"
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